कुछ विचार इस समय में लॉकडाउन में रियायतों के लिए

आज भारत देश में मजदूरो कुछ स्थानों से अपने राज्यों में पहुंचाने के लिए रेल यात्रा का उपयोग किया जा रहा है
पर क्या होगा इसका असर इस वक़्त जब सब जगह ये कोविड १९ फैला हुआ है  में भी आज सोच रहा हूँ । इतने दिनों के बाद वो अपने घर वालो से मिलेंगे ।

और आज ही हमें न्यूज़ चैनल के माध्यम से जानकारी मिल रही है की लॉक डाउन को १७ मई तक बढ़ाया गया है । हमें इस लॉक डाउन का पालन करना ही चाहिए यही इस वक़्त की जरुरत है । क्यूंकि जान हे तो जहान ये बात अब हमारे माननिये प्रधान मंत्री जी ने भी कह दी हे ।

हम अपने प्रधान मंत्री जी का सम्मान करते हुए , पुलिस का सम्मान करते हुए कैसे इस मुश्किल वक़्त से निकल सकते है ।

मुझे ऐसा लगता है आज के समय में कुछ ट्रेनों को शुरू किया जा सकता है ।

स्लीपर ट्रेनों में , जो भी लोग जाना चाहते हे वो अपनी मजबूरी बता कर और एक अंडरटेकिंग अपने जीवन का सरकार को देकर, ८ गुना किराया देकर जा सकते है । ८ गुना इसलिए क्यूंकि अगर वो जाना चाहते है और ये उनकी सुरक्षा का सवाल हे तो उन्हें एक सेक्शन में ८ स्लीपर सीट होती है उन्हें सिर्फ उस सेक्शन में ही बैठना होगा । वो ट्रैन में घूमेंगे नहीं  अपने ही ब्लॉक में बैठेंगे रेलयात्रा के दौरान ये सब सुनिश्चित करते उन्हें यात्रा से नहीं रोकना चाहिए ।

क्यूंकि आज उनकी मजबूरी इतनी बड़ी है की उनकी जान से भी बड़ी है तो उन्हें रोकना नहीं चाहिए ।  उन्हें अपना कोविड १९ का टेस्ट रिपोर्ट जमा करना चाहिए यात्रा से पहले और यात्रा के बाद सोशल डिस्टैन्सिंग का पालन करते हुए फिर से अपना कोविड १९ का टेस्ट सरकार को जमा करना होगा । ऐसे कड़े नियमो से हम रेल यात्रा को इस कठिन वक़्त में भी शुरू करते हुए , लोगो के अंदर एक सुरक्षा एवं स्वतंत्रता का भाव जगा सकते हे ।

दोस्तों हमें इस कठिन वक़्त में हमारे प्रधान मंत्री का और सरकार को सुनना चाहिए । हमें भ्रांतियों से बचाना चाहिए । आज जितनी गति से ये कोविड १९ के केसेस भारत में बढ़ रहे है उससे तो उन्हें रोज़ चार्ट मैंने देखना बंद किया है और आप भी कोविड १९ के चार्ट को देखना बंद करके अपने जीवन को सामान्यता से बिताने की कोशिश कीजिये ।

जय हिन्द जय भारत ।

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